Loan कितने प्रकार के होते है | Types of Loan in India ? ⋆ Newsboy Loan कितने प्रकार के होते है | Types of Loan in India ? ⋆ Newsboy

Loan कितने प्रकार के होते है | Types of Loan in India ?

लोन क्या होता है |what is loan ? Loan के बारे में पूरी जानकारी

किसी जरूरी काम को करने के लिए किसी चीज को खरीदने के लिये, या किसी business को बढ़ाने के लिए या किसी personal काम के लिए हमारे द्वारा बैंक ओर किसी फाइनेंसियल institute से ली गई पैसा(money) की मदत को ही loan(लोन)/ कर्ज कहते है। इस मदत (loan) के बदले में हमे उस बैंक या फाइनेंसियल institute को उनसे लिए गये loan के पैसे को किस्तों मैं ब्याज के साथ लौटना पड़ता है जिसे EMI(equated monthly installment) भी कहते है।

Types of Loan in India

Loan लेने के निर्धारित समय बाद ये क़िस्त/EMI हमे हर महीने बैंक financial institute को देनी पड़ती है और इस क़िस्त में loan ओर ब्याज दोनो का भुगतान होता जाता है।.

Loan कितने प्रकार के होते है? (How many types of loans?)

  • पर्सनल लोन (Personal loan)

Personal loan का मतलब खुदके पर्सनल कामो के लिया हुआ कर्ज, हालांकि सभी loan खुदके लिए ही लेते है पर पर्सनल लोन खुदके पर्सनल कमो के लिए होता है जैसे कि अपने लिए कोई महंगी चीज खरीदनी हो, या अपने बच्चों की college फीस भरनी हो या किसी का इलाज करवाना हो।बता दें कि Personal loan मैं ब्याज दर दूसरे loan से अधिक होता है यानी personal loan मैं हमने ज्याद ब्याज देना पड़ता है।

बैंक personal देते समय आपसे ज्याद दस्तावेज़(document) नहीं मांगते है बस लोन लेने वाले व्यक्ति की थोड़ी जानकारी और तनख्वाह(salary) देखते हैं और loan दे देते है।Personal loan आपको लगभग 5 साल तक मिल सकता है, मतलब आपको पर्सनल लोन 5 साल के time period तक मिल सकता है।

  • गोल्ड लोन (Gold loan)

अक्सर लोग Gold loan इमरजेंसी कामो के लिए लेते हैं, जैसा किसी का इलाज या कोई भारी नुकसान आदि।
Gold loan को लेने के लिए आपको अपने सोने को बैंक के लॉकर मैं यानी बैंक मैं जमा करवाना होता है या कहे गिरवीं रखना पड़ता है। ये loan आपको सोने(gold) की quality के आधर पर ओर उस सोने की कीमत के आधार पर मिलेता है और बैंक आपको आपके सोने की कीमत का 80 प्रतिशत लोन दे देता है।

  • सेक्युरिटी के बदले में लिया गया लोन। (Loan against securities).

इसमे बैंक आपके सेक्युरिटी दस्तावेज(security documents) को गिरवी रखकर आपको ब्याज देता है, security documents जैसे कि demand शेयर, म्यूचुवल फंड्स, insurance स्किम, ओर बॉन्ड मैं अगर आपने पहले से ही इन चीजों मैं पैसे लगाए हुए हैं, तो वो ही आपके सिक्योरिटी दस्तावेज(security papers) होते हैं। इन दस्तावेजों की कीमत मानी जाती है और अगर किसी कारणवश बैंक का लोन नही चुका पाये तो बैंक आपके securities को बैंक जप्त कर लेगा और बाजार मे बेंच कर अपने पैसे वसूल करेगा।
आप अपने security कागजात को बैंक मैं रख सकते हैं और उसके बाद बैंक आपको ओवरड्राफ्ट की सुविधा उपलब्ध कराएगा जिसमे आप अपने बैंक account मैं जितने पैसे है उस से ज्यादा निकाल सकते हैं आप तब भी पैसे निकाल सकते है जब आपके बैंक account 0 ₹ रुपये हो।

  • संपत्ति पर लिया हुआ कर्ज (Property loan)

तो इसी साथ अब बात करते है, प्रोपर्टी लोन की तो property loan वो loan होता है जिसमे बैंक आपको loan देने के बदले में आपकी प्रॉपर्टी के कागजात गिरवी रखता है मतलब आपकी प्रोपेर्टी को गिरवी रखता है ओर प्रॉपर्टी लोन मै प्रोपेर्टी की कीमत का 50 से 60 प्रतिशत लोन मिल जाता है।
Property loan आपको लगभग 10-15 साल तक मिल सकता है, मतलब आपको प्रॉपर्टी लोन आपको 10-15 साल के time period तक मिल सकता है।

  • Home loan

तो इसी के साथ अब property loan के बाद हम बात करते हैं home लोन की, तो होम लोन वो loan होता है जो आप घर खरीदने के लिए या घर बनाने के लिये लेते हैं इस loan मैं आप बस घर बनाने के लिए ही नही बल्कि घर के लिए जमीन खरीदने के लिए, घर के रजिस्ट्रेशन कराने के लिए, आदि चीजो को मिलाकर loan ले सकते हैं। ओर इस लोन मैं बैंक आपके घर बनाने के या खरीदने के खर्चे का 75 से 85 प्रतिशत दे सकती है।

Home loan आपको लगभग 5 साल से 20 साल तक मिल सकता है, मतलब आपको पर्सनल लोन 5 साल से 20 साल के time period तक मिल सकता है।

  • Education loans

तो अब बात करते है education loan की, तो ये बात तो सबको पता है कि गरीब ओर मिडल क्लास लोगों के बच्चे महँगी संस्थाओं मैं पढ़ना अफफोर्ड नही कर सकते है क्यों कि उनकी फीस ही इतनी ज्यादा होती है इस लिए वो लोग पढ़ाई के लिए लोन ले सकते है जिसे की एडुक्शन लोन कहते है।अक्सर देखा गया है कि बैंक Education loan दो चीजों को देखकर देता है एक तो ये की बच्चा कोनसी institute मैं जा रहा है, क्या वो वहा पढ़ कर जॉब कर पायेगा या loan चुका पायेगा, ओर दूसरा बैंक बच्चे की guardian की income देखकर loan देता है।

  • वाहन या कार लोन (Vehicle and car/bike loan).

तो अब आपको बताते हैं वाहन लोन के बारे में। तो बैंक आये दिन कार ओर वाहन को खरीदने के लिए लोन स्किम निकालते रहता है।इस loan मैं भी आपको अलग-अलग टाइम पीरियड के हिसाब से floating interest rate ओर fix interest rate पर मिलता है।वाहन लोन लेने के लिए आपको बैंक मैं आपका id प्रूफ, अपना पता, सैलरी स्लिप ओर पिछले 2-3 साल का इनकम टैक्स रिटर्न्स भी जमा करना पडता है।

इस loan मैं आप बैंक के पैसे से वाहन(vehicle) खरीदते हैं इसी लिए जब तक आप पूरा loan नही चुका देते है तब गाड़ी/वाहन पर मालिकाना हक बैंक का ही होगा ओर अगर आप बैंक का कर्ज चुकाने में असमर्थ होते हैं तो बैंक गाड़ी/वाहन जप्त कर लेगी।

8.Corporate loan

तो अब बात करते हैं बड़े loan के बारे मे यानी वो loan जो कि बैंक द्वारा अमीर लोगो को दिया जाता है जैसे मुकेश अंबानी, अडानी,रतन टाटा,विजय माल्या, नीरव मोदी आदि अमीर लोगो को दिया जाने वाला लोन बता दें कि ये लोन बहोत बड़े-बड़े लोन होते हैं जिनमे बैंक अपने कोर कैपिटल का 25 प्रतिशत लोन दे सकता है बल्कि पहले तो बैंक अपनी कोर कैपिटल का 55 प्रतिशत लोन दे सकता था लेकिन बड़े बड़े धोका धड़ी के बाद RBI ने अब सारि बैंक को 25प्रतिशत देने की है अनुमति दी है।

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